अंतिम संस्कार मे दहाड़े मारकर रोई सृजना ! विवेक से लिपटकर बहाए आसू…
कौन हिसाब देगा मेरे उन हजारों सपनों का जो तुम्हारे साथ-साथ बुने थे वादा तो जिंदगी भर साथ रहने का किया था फिर मुझे यूं खालिस दुनिया के बीच अकेला छोड़ने का गम क्यों दे गए इन चीख से मानो दहशत सी हो रही है दिल घबराने सा लगा है जब दो बेइंतहा प्यार करने … Read more