अब भारत बनाम इंग्लैंड चौथे टी-20 आई मुकाबले में क्या टीम इंडिया ने यहां पर सच में चीटिंग की आईसीसी का नियम इसको लेकर क्या कहता है बात करेंगे यहां पर आईसीसी के रूल की क्या आईसीसी के नियम के बावजूद टीम इंडिया ने यहां पर चीटिंग की क्या रूल तोड़ा गया या फिर यहां पर बात सिर्फ खेल भावना की है भारत ने नियमों में रहते हुए ही यह फैसला जो है लिया था फैसला क्या शिवम दुबे के कंकन सब्सीट्यूट के तौर पर यहां पर हर्षित राणा को प्लेइंग 11 में इंक्लूड किया गया जिसको लेकर जॉस बटलर ने भी यहां पर सवाल उठाए और वहीं आईसीसी के नियम क्या कहते हैं वह हम आपको यहां पर पहले फटाफट बता देते हैं आईसीसी जो है यहां पर कई सारे नियम बनाती है जिसको लेकर जिसको फॉलो कर कर ही इंटरनेशनल मैचेस क्या आयोजन यहां पर किया जाता है अब इन्हीं सारे नियमों में से एक है
कंकन रूल जिसमें किसी भी खिलाड़ी को सिर से लेकर गर्दन तक यह चीज नोट करने वाली कई लोग सवाल पूछ रहे हैं कि यहां पर हमने पहले भी देखा है कि कुछ लोग सीधा फील्ड पर उतर जाते हैं लेकिन ऐसी सिचुएशन में अगर आपकी गर्दन से नीचे की कोई इंजरी होती है तो आप सिर्फ फील्ड में प्लेयर को इंक्लूड कर सकते हो आप उनसे बल्लेबाजी या गेंदबाजी नहीं करवा सकते हो सिर्फ फील्डिंग करवा सकते हो लेकिन कंकन सब्सीट्यूट होता है जब गर्दन से लेकर सिर तक में यानी कि गर्दन से ऊपर अगर गेंद लगती है तो ऐसी स्थिति में यहां पर कंकन सब्सीट्यूट को आप एक्टिवेट कर सकते हैं अब यहां पर शिवम दुबे 20वें ओवर की 20वें ओवर में जब 20 लास्ट ओवर चल रहा था बल्लेबाजी का तब उनको यहां पर हेलमेट पर गेंद लगी थी
जिसके बाद कंकन सब्सीट्यूट में यहां पर हर्षित राणा को प्लेइंग 11 में इंक्लूड किया गया अब आईसीसी t-20 इंटरनेशनल शर्तें जो यहां पर है उसकी धारा 1.2.7 द 3 यह जो धारा इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि आईसीसी मैच रेफरी को लाइक टू लाइक कंकन प्लेसमेंट अनुरोध को स्वीकार करना चाहिए यदि सब्सीट्यूट एक समान खिलाड़ी है जिसके शामिल होने से बचे हुए मैच के भाग में किसी एक टीम को ज्यादा फायदा या ज्यादा एडवांटेज नहीं मिले उसी रिप्लेसमेंट को यहां पर स्वीकार करना चाहिए अब ये जो सारी पहेली है सारी गुत्थी है ये आकर खड़ी हो जाती है मैच रेफरी के ऊपर अब एक टीम सिर्फ अनुरोध कर सकती है एक टीम सिर्फ रिक्वेस्ट कर सकती है
यह कि हम इस खिलाड़ी के रिप्लेसमेंट के तौर पर इस खिलाड़ी के कंकन सब्सीट्यूट के तौर पर इस दूसरे खिलाड़ी को यहां पर प्लेइंग 11 में शामिल करना चाहते हैं यह रिक्वेस्ट की जाती है अब मैच रेफरी से कप्तान सूर्य कुमार यादव ने यहां पर रिक्वेस्ट की कि हम इंजर्ड शिवम दुबे की जगह हर्षित राणा को कंकन सब्सीट्यूट के तौर पर लेकर आना चाहते हैं प्लेइंग 11 में अब मैच रेफरी के ऊपर ये सब सारी चीजें डिपेंड करती हैं वो डिसाइड करें कि क्या यह लाइक टू लाइक रिप्लेसमेंट है जैसा खिलाड़ी बाहर जा रहा है उसी शैली का खिलाड़ी क्या अंदर आ रहा है इसका डिसीजन इसका फैसला जो है मैच रेफरी को यहां पर करना होता है अब यहां पर बात करें कि हर्षित राणा क्या उपयुक्त यानी कि क्या यहां पर सही रिप्लेसमेंट थे
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इस नियम के उप अनुभाग यानी कि जो आगे सब आर्टिकल्स होते हैं उसके अंतर्गत यहां पर 1.2.7 द 4 और 1 द 2.7.5 में यह भी कहा गया है कि मैच रेफरी को इस बात पर विचार करना चाहिए कि कंकन के तौर पर प्लेइंग 11 में शामिल होने वाला खिलाड़ी समान तरीके का खिलाड़ी होना चाहिए ऐसा नहीं होना चाहिए कि किसी गेंदबाज की जगह बल्लेबाज और बल्लेबाज की जगह गेंदबाज को प्लेइंग 11 में शामिल कर दिया जाए और मैच का जो बचा हुआ टाइम है उसके कारण किसी एक टीम को यहां पर फायदा हो जाए अब क्या कहते हैं
नियम यह तो मैंने आपको बता दिया यहां पर अगर हम लोग बात करें कि मैच रेफरी को यह फैसला लेना होता है कि लाइक टू लाइक रिप्लेसमेंट है या नहीं अब क्या शिवम दुबे के लाइक टू लाइक रिप्लेसमेंट हर्षित राणा हो सकते हैं इसको लेकर अगर आंकड़ों की बात करें तो शिवम दुबे अगर हम बात करें तो 34 टी20 मैच में उन्होंने 23 पारियों में ही गेंदबाजी की है पॉइंट टू बी नोटे 34 मैच में 23 पारियों में ही उन्होंने गेंदबाजी की है और 23 पारियों में भी सिर्फ दो ही पारियां ऐसी हैं यहां पर जिसमें शिवम दुबे ने अपने चार ओवर का कोटा यहां पर पूरा 00:04:26 किया है 23 पारियों में चार दो बारही ऐसा हुआ
कि चार ओवर का कोटा उन्होंने पूरा किया है वहीं हर्षित राणा की बात करें तो पुणे में खेले गए इस चौथे टी20 आई मुकाबले में उन्होंने चार ओवर पूरे कर दिए सवाल यह भी उठाए जा रहे थे कि क्या अगर शिवम दुबे अवेलेबल होते गेंदबाजी के लिए तो क्या सूर्य कुमार यादव उनसे चार ओवर पूरे गेंदबाजी करवाते हम यह बात नहीं कर रहे कि गेंदबाजी करवाते भी या नहीं करवाते क्या चार ओवर भी शिवम दुबे यहां पर पूरे कर पाते सवाल इसी को लेकर है मतलब पूरा जो विवाद छिड़ा हुआ है वो इसी को लेकर है
कि हर्षित राणा शायद शिवम दुबे के लाइक टू लाइक रिप्लेसमेंट नहीं है अब हर तरीके का मत है कॉल मैच रेफरी को लेना था इस पर फैसला मैच रेफरी का होता है उन्होंने एक्सेप्ट किया जिसके बाद यह पूरा बवाल अब जो मर्जी हो रहा हो लेकिन टीम इंडिया ने इस मुकाबले को जीत के सीरीज में 3-1 की अजय बढ़त बना ली है यहां पर नियम कुछ और कहते हैं खेल की भावना एक अलग पर्सपेक्टिव होता है यहां पर खेल का लेकिन फैसला जो है अब मैं यहां पर दर्शकों पर छोड़ता हूं आपके हिसाब से क्या यहां पर टीम इंडिया ने चीटिंग की क्या लाइक टू लाइक रिप्लेसमेंट नहीं था इस पर आपकी क्या राय है