केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को आम बजट पेश करेंगी। अब केवल 2 दिन शेष हैं। यह उनका 8वां बजट होगा। आम जनता की तरह करदाताओं की भी नजर बजट पर है। करदाताओं को उम्मीद है कि इस बार वित्त मंत्री टैक्स स्लैब में बदलाव करके उन पर कर का बोझ कम करेंगी।
सरकार ने बजट 2024 में आयकर नियमों में कई बदलाव किए। आइए पिछले वर्ष के कर नियमों में हुए बदलावों के बारे में जानें।
नए टैक्स स्लैब दरों में बदलाव- पिछले बजट में 3-7 लाख रुपये पर 5 प्रतिशत, 7-10 लाख रुपये पर 10 प्रतिशत, 10-12 लाख रुपये पर 15 प्रतिशत, 12-15 लाख रुपये पर 20 प्रतिशत और इससे अधिक आय पर 10 प्रतिशत टैक्स लगाया गया था। 15 लाख रुपये से अधिक पर 30 प्रतिशत कर लगाया गया।
मानक कटौती सीमा में वृद्धि – सरकार ने पिछले वर्ष के बजट में नई कर व्यवस्था में मानक कटौती की सीमा बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दी थी। इसका मतलब यह है कि 7.75 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले वेतनभोगी करदाताओं को कोई कर नहीं देना होगा। पूंजीगत लाभ कर की दर में परिवर्तन – पिछले बजट में अल्पकालिक पूंजीगत लाभ कर की दर 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दी गई थी। दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर की दर 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दी गई है।
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बजट 2025 से करदाताओं को उम्मीद – विशेषज्ञों का कहना है कि नई कर व्यवस्था से करदाताओं को अधिक राहत मिल सकती है। बिजनेस स्टैंडर्ड ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया है कि सरकार सालाना 10 लाख रुपये तक की आय को कर मुक्त करेगी। 15 लाख से 20 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले लोगों के लिए 25 प्रतिशत का नया टैक्स स्लैब पेश किया जा सकता है।