यह कोई विदेशी नजारा नहीं, बल्कि भारत के हिमाचल मे छिपा जिस्पा गाव है, जाने यह की खसियत..

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हिमाचल के खूबसूरत पहाड़ों में जहां के खतरनाक रास्तों और नदी की मधुर आवाज की बात ही कुछ और [संगीत] है देर आर द थिंग आ वा ू नो सीक्रेट स् इन योर हार्ट तो हिमाचल जाने के लिए मैंने paytm2 घंटे में दिल्ली से मनाली छोड़ देगी पूरी रात सफर करने के बाद मैं शनिवार की सुबह मनाली पहुंच जाता हूं दशहरे की छुट्टी लंबी थी तो मैंने पहले दिन मनाली में ही रुकने की सोची और मैंने अपना रूम ओल्ड मनाली में लिया क्योंकि मनाली से ज्यादा खूबसूरत ओल्ड मनाली है जहां का वातावरण काफी शांत है।

तो थोड़ी देर रेस्ट करने और खाना खाने के बाद मैं निकल जाता हूं सजला वाटरफॉल के लिए और मनाली से वाटरफॉल तक का सफर मैं वहां की लोकल बस से करता हूं जिसका किराया मुझे सिर्फ ₹ ही पड़ता है फजला विलेज पहुंचने के बाद वहां से आपको 1 किलोमीटर तक की ट्रैकिंग करनी होगी वैसे तो यह वाटरफॉल काफी खूबसूरत है लेकिन ऑफ सीजन के कारण यहां पर काफी कम टूरिस्ट थे जिससे कि यह जगह काफी शांत और खूबसूरत लग रही थी तो सजला वाटरफॉल पर घूमने के बाद हम 8 बजे तक वापस ओल्ड मनाली अपने होटल में आ जाते हैं।

तो अगले दिन संडे की सुबह मैं निकलता हूं हिमालयन बाइक लेने जिसका पर डे का प्राइस मुझे 00 ही पड़ता है वैसे तो मेरा प्लान चंद्रताल लेक जाने का था लेकिन सर्दी ज्यादा गिरने के कारण चंद्रताल बिल्कुल ही बंद कर रखा था तो फिर 000 का पेट्रोल डलवा करर हम निकल जाते हैं मनाली से 110 किमी दूर जिसपा विलेज के लिए और यहां से शुरू होता है हमारा असली [संगीत] सफर जिसपा विलेज वाला रास्ता किसी लद्दाख से कम नहीं है क्योंकि जिसपा विलेज के बाद आता है दारचा और दारचा विलेज के बाद यह रोड डायरेक्ट लदा तक जाता तो मनाली से निकलने के बाद मैं सबसे पहले अटल टनल आता हूं।

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वैसे तो अटल टनल में काफी बार आ चुका हूं लेकिन बाइक से हम पहली बार आए तो इस मूमेंट को कैप्चर करना तो बनता [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] है [संगीत] अटल टनल क्रॉस करते ही सबसे पहले शिशु विलेज आता है और फिर आता है दलंग केलंग मई गेमुर और फिर आता है जिसपा विलेज जहां पर मैं अपनी बाइक को डायरेक्ट नदी के किनारे ले जाता हूं वैसे तो घर पर खुद से एक गिलास पानी लेने में भी आलस आता है लेकिन यहां पर तो मैंने खाना पिना सब कुछ ना और अगली सुबह हम फिर से अपनी बाइक लेकर वापस मनाने के लिए निकल जाते हैं सच में यहां पर कैंपिंग करने का मजा तो कुछ और ही था चारों तरफ पहाड़ों से घिरी एक जगह दूर दूर तक किसी इंसान का ना होना और नदी के बहते पानी की मधुर आवाज से किसी को भी प्यार हो।

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