विमान हादसे के पहले मिला था ये अनहोनी इशारा, नहीं दिया किसिने ध्यान…

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12 जून को अहमदाबाद में हुआ वह दर्दनाक हादसा जिसकी आवाज आज भी लोगों के कानों में गूंज रही है वो हादसा जिसने 275 लोगों के जान ले ली वो हादसा जिसने 275 लोगों के घरों को उजाड़ दिया वो हादसा जिसे कोई भी नहीं भूल पाएगा Air इंडिया का विमान जो टेक ऑफ होने के कुछ ही क्षण बाद मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर जाकर गिर जाता है इस विमान हादसे में 275 लोगों की जान चली जाती है Air इंडिया और Being दोनों ही मिलकर अब यह जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं जांच की जा रही है कि आखिर यह हादसा हुआ कैसे क्या विमान के दोनों इंजन सच में खराब हो गए थे

जो कि रेस्ट ऑफ रेयर केस में माना जाता है या फिर इस केस में कुछ और ही ऐसी टेक्निकल खामी है जो नजर नहीं आ रही Air इंडिया का विमान जिस तरह से टेक ऑफ होने के बाद अचानक गिर जाता है और आग के गुब्बार में तब्दील हो जाता है विशेषज्ञों के पास भी इसका जवाब नहीं कि आखिर ऐसा क्यों हुआ 2 महीने पहले ही इस विमान के इंजन को बदला गया था उसके बावजूद इस तरीके का हादसा होना वाकई बड़ा सवाल खड़ा करता है Air इंडिया के ड्रीमलाइनर 7878 विमान से जुड़ी हुई एक ऐसी अहम जानकारी सामने आ रही है जो इस तफ्तीश को एक नया रुख दे सकती है बता दें भारत में बोइंग समेत कई और एयरलाइंस के अधिकारी मौजूद हैं भारत उन्हें बुलाया गया यह तफ्तीश करने के लिए कि आखिर Air इंडिया के इस विमान में ऐसी क्या खामी रह गई

जिसकी वजह से 275 लोगों की जान चली गई क्योंकि बोइंग ने इस विमान को बनाया था ऐसे में कंपनी की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं Air इंडिया को भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बैन और बॉयकॉट करने की मांग की जा रही है अब Air इंडिया के इस विमान से जुड़ी हुई एक ऐसी जानकारी सामने आ रही है जो इस केस को एक अलग रुख दे सकती है दरअसल क्रैश होने से पहले ही विमान की आपात बिजली प्रणाली सक्रिय हो गई थी इसका दावा किया गया है एक रिपोर्ट के मुताबिक Air इंडिया के हादसे की जांच कर रहे अधिकारियों का मानना है कि पिछले हफ्ते अहमदाबाद में क्रैश हुए Air इंडिया बोइंग ड्रीम लाइनर विमान में आपातकालीन बिजली जनरेटर चालू हो गया था

अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जनरल ने बुधवार को जांच से जुड़े लोगों के हवाले से यह जानकारी छापी थी हालांकि अखबार के दावे की स्वतंत्र स्त्रोतों ने तत्कालीन पुष्टि नहीं की है बोइंग ने कहा कि वे जानकारी के लिए भारत के विमान दुर्घटनाग्रस्त जांच ब्यूरो को संपर्क करेंगे जबकि इंजन निर्माता जोई एरोस्पेस और भारत के नागरिक उद्यान मंत्रालय ने इस मामले में पूछे गए सवालों पर कोई जवाब नहीं दिया है किसी के पास इस मामले पर कोई जवाब है भी नहीं कि आखिर इतना बड़ा और इतना गंभीर हादसा कैसे हो जाता है यह विमान आईजीआई एयरपोर्ट से टेक ऑफ कर अहमदाबाद पहुंचा था यानी कि दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सबसे पहले इस विमान ने टेक ऑफ किया था बाद में वाया अहमदाबाद इसे लंदन जाना था लेकिन लंदन जाने से पहले अहमदाबाद में विमान रुकता है कुछ यात्री उतरते हैं

और जब विमान अपने तय समय सीमा पर टेक ऑफ करता है तो उसके 2 मिनट बाद यह भयावह हादसा हो जाता है आरटी के रूप में जाने जाने वाला सिस्टम बिजली और हाइड्रो अब सवाल यह उठता है कि क्या विमान के इंजन टेक ऑफ के दौरान ठीक से काम कर रहे थे तो जवाब है कि राम एयर टरबाइन के रूप में जाने जाने वाला सिस्टम बिजली और हाइड्रोलिक दबाव उत्पन्न करता है ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि पायलट विमान को नियंत्रित कर रहे हैं भले ही दोनों इंजन फेल क्यों ना हो जाए रिपोर्ट में कहा गया कि प्रारंभिक खोज इस बारे में सवाल उठाती है कि क्या विमान में इंजन टेक ऑफ के दौरान ठीक से काम कर रहे थे ड्रीम लाइनर में जेई एयर स्पेस के इंजन लगे हुए थे इसलिए उन पर भी अब जांच की तलवार लटकी हुई है हालांकि विशेषज्ञों का कहना तो यह है कि पहली नजर में यह पूरा हादसा दोनों इंजंस के फेल होने का लग रहा है ऐसे में कई विशेषज्ञों ने यह दावा किया है कि दोनों इंजन फेल हो सकते हैं तभी इस तरीके का भयाव हादसा हुआ लेकिन अभी भी ब्लैक बॉक्स को डिकोड करना बाकी है जिसमें एक साल का वक्त भी लग सकता है ऐसे में यह पुष्टि नहीं की जा सकती है कि विशेषज्ञों का दावा दोनों इंजन को फेल होने का यह सही है भी या नहीं कई विशेषज्ञों का कहना है

कि दोनों इंजंस एक साथ फेल नहीं हो सकते हैं और ना ही उड़ान के दौरान इंजंस में धुआं नजर आ रहा है और ना ही किसी पक्षी के टकराने की कोई तस्वीर दिखाई दे रही है तो आखिर दोनों इंजन फेल हुए तो हुए कैसे विशेषज्ञों के बीच में आपस में ही टकराव चल रहा है इसी बीच में यह रिपोर्ट सामने आई कि विमान में आपातकालीन बिजली जो लाइट लगाई जाती है वह जल गई थी विमान के उड़ते ही आपातकालीन लाइट से यह पता चल गया था कि विमान खतरे में है लेकिन उसके बावजूद भी बचाया ना जा सका एयर इंडिया का अत्यधिक आधुनिक विमान बोइंग ड्रीम लाइनर 787 बीते बीते 12 जून को अहमदाबाद के मेघनी नगर में क्रैश हो गया था इस विमान में 242 लोग मौजूद थे जिसमें से 241 लोगों की जान चली गई साथ ही विमान जिस क्षेत्र में गिरा जिस हॉस्टल पर गिरा उस हॉस्टल में भी कई छात्र घायल हुए तो कई छात्रों की जान चली गई

खास बात यह है कि गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी इसी फ्लाइट में मौजूद थे जो अब इस दुनिया में नहीं रहे हैं विमान हादसे से चंद सेकंड पहले ही पायलट सुमित सब्रवाल ने इस बात की जानकारी एटीसी को दी थी कि अब विमान किसी भी परिस्थिति में नहीं बचाया जा सकता है इसकी क्रैश लैंडिंग होंगी मेड कॉल भी की गई थी मेड कॉल की रिकॉर्डिंग पब्लिकली कर दी गई है साझा कर दी गई है लोगों के बीच में जिसमें मंत्रालय ने खुद बताया कि आखिर आखिरी वक्त में सुमित सब्रवाल ने क्या कहा था उनके शब्द क्या थे वह क्या कहना चाहते थे

सुमित सब्रवाल ने एटीसी को कॉल करके मेडे मेडे मेडे किया और कहा कि विमान में पावर नहीं मिल रहा थ्रोट नहीं मिल रहा विमान ऊपर नहीं जा रहा और अब हम नहीं बचेंगे यह शब्द थे पायलट सुमित सबरवाल के जो आखिरी वक्त तक विमान के यात्रियों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश करते रहे लेकिन दुर्भाग्यवश यह कोशिश कामयाब ना रही 

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