जब महानायक अमिताभ बच्चन ने खुद इस फैसले पर मोहर लगाया था कि वह जब नहीं रहेंगे तो उनकी संपत्ति उनकी बेटी और बेटे के बीच बराबर बांटी जाएंगी क्योंकि वह नहीं मानते हैं कि महिलाएं पराया धन होती हैं बेटियां कभी पराया धन नहीं हो सकती हैं बेटियों का हक हमेशा अपने घर परिवार मां-बाप पर उतना ही होता है जितना बेटों का होता है अमिताभ ने कहा था मैंने वह फैसला सबसे पहले लिया था।
कि कभी भी यह फर्क मैं अपने बेटे और बेटी के बीच नहीं करूंगा और ना ही बेटी को महसूस होने दूंगा क्योंकि वह बेटी है इसलिए उनका वचन के घर परिवार पर उनका हक नहीं है मैं चला जाऊंगा तो जो भी मेरे पास होगा उसे बराबर में बांटा जाएगा इस पर कानूनन उन्होंने स्टांप लगवा दिया है।
कोई डिफरेंशिएबल कियां पराया धन होती हैं वह अपने पति के घर जाती है पति की संपत्ति पर ही उस का हक होता है लेकिन मेरी आंखों में मेरी बेटी मेरी बेटी है और वही हक है उसका जो उसके बेटे का है ऐसा कहना था अभिषक अमिताभ बच्चन का यह कहकर अमिताभ सभी के बीच काफी भावुक हुए।
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